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Mr. Vikas Sahu

*एमराल्ड विकास साहू जी (दुर्ग) कहानी उनकी जुबानी*
मैं विकास कुमार साहू दुर्ग शहर से हु।मेरी माँ ने मुझे बहुत ही विकट परिस्तिस्थि में होते हुए भी बहुत मुश्किल से पढ़ाया ।उनका शुरू से सपना था कि मैं अच्छा पढ़ाई करके अच्छे जगह नौकरी करू।
पढ़ाई के साथ मैं 1 साल तक Computer institute में पढ़ाया और साथ ही साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम करता था।
शुरुवाती समय में परिस्थिति अच्छी नही होने के कारण मुझे 20/-प्रति हफ्ते के हिसाब से गेरेज में भी काम करना पड़ा था।
जब पढ़ाई कर रहा था तब से एक बडी सोच थी कि कुछ ऐसा काम करना है जिससे बहुत अच्छी इनकम हो सके ,लेकिन जो काम मैं कर रहा था उससे कभी भी वो इनकम नही आ सकती थी।

एक दिन मुझे सेफशॉप की जानकारी मिली ।
मेरे ग्रेट सीनियर सर मि.वैभव सोनी सर के माध्यम से और जैसे ही जानकारी मिला ।
मैं तुरंत फॉर्म भरा क्योकि जैसा मुझे जिस प्लेटफॉर्म की तलाश थी यह बिलकुल वैसा ही मिला।
शुरू से मुझे मालिक बनके काम करने की इच्छा थी किसी की गुलामी नही करना चाहता था।जिस दिन मैंने सेफशॉप में काम करने का निर्णय लिया उसी समय
B.COM 2nd year addmission में लिया था ,मैंने अपनी पढ़ाई छोड़ दिया और फुल टाइम इस काम को करने का निर्णय लिया ।
पढ़ाई छोड़ने का कारण था कि टीम को सपोर्ट में कही भी कमी न आये इसलिये पढ़ाई छोड़ दिया।
फॉर्म भरने के बाद डीडी के पैसे नही थे,मेरी माँ बहुत मुश्किल से इधर उधर से व्यवस्था करके मुझे पैसे लाकर दिया था और जितनी मुश्किल से पैसे का व्यवस्था हुआ था उसका अहसास था, इसलिए पूरी ईमानदारी के साथ सुबह से लेकर रात भर फील्ड करता था ।
क्योकि मेरी माँ अपने सारे सपनो को मार के मेरे सपनों के लिए जैसे भी उनसे बन पाता था वो सब करती थी।
शुरु से घर मे पैसों की बहुत दिक्कत थी ।
मैं अपनी माँ को एक अच्छी ज़िन्दगी देना चाहता हूं,उन्हें सुख सुविधाएं देना चाहता हु, उनकी वजह से ही मैं इस जगह में हु ।
उनके बिना सपोर्ट के मैं कभी आगे नही बढ़ सकता था।
मैं दिल से धन्यवाद देना चाहता हु अपनी माँ को और अपनी बड़ी बहन का जिनका सपोर्ट शुरु से रहा।
मैं अपने सीनियर डायमंड मि.अतुल पाठक सर और
रूबी लीडर मि.वैभव सोनी सर का दिल से धन्यवाद करता हूं।
जिनके मार्गदर्शन के कारण हर पल हर जगह सपोर्ट के कारण आज यहाँ तक पहुचा हु।
मेरे सीनियर मि.वैभव सोनी सर शुरु से एक चीज़ बताते आये है।अगर इस बिजनेस में सफल होना है।
तो 100% सीनियर और सिस्टम को फॉलो करना ।

जिस दिन मैं जॉइन किया था उस दिन से आज तक कभी भी मैं
ट्रेनिंग,सेमिनार,मीटिंग,मेगा शो,गोल्डन रूल,बूट कैम्प
कभी भी मैं मिस नही किया हु, तबियत ख़राब भी रहा फिर भी लगातार सिस्टम में बना रहा।
इस बिजिनेज़ में आने से पहले मेरे पास एक साईकिल भी नही थी।
एसटीपी सिस्टम व सेफशॉप में आने के बाद ईमानदारी से काम करता गया और सेफशॉप के माध्यम से आज मेरे पास
मोबाइल,पल्सर बाइक, लेपटॉप,कार ये सारी चीज़ें है।।
इस बिजिनेज़ में आने के पहले मैं छत्तीसगढ़ भी नही घुमा था।
मगर सेफशॉप में आने के बाद
दिल्ली,जयपुर,आगरा, गोआ,नैनिताल, मुंबई, कलकत्ता
और सबसे बड़ा सपना मेरा विदेश यात्रा बैंकाक घूम के आया हु।
और अब तक मैं 3साल में यहां से 12 लाख से ज्यादा की आय कर लिया हु।
सेफशॉप इंडिया की नम्बर 1 कंपनी है।
जिस कंपनी के माध्यम से एक आम लड़का आज खास बन गया।
मैं अपने टीम के सभी साथियों का दिल से धन्यवाद करता हु ।जो लगातार कदम से कदम मिला के साथ चल रहे है
और मैं अपने उन सारे अपलाइन सीनियर को दिल से धन्यवाद देता हूं। जिनसे मुझे कही न कही ज्ञान मिलते गया आगे बढ़ने के लिए।।

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