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FAQs

Frequently Asked Questions

(1) Programme/Plan/Business तो अच्छा है, लेकिन हमारे पास समय ही नही है, हम कैसे कर पायेंगे?

Ans-  आप बिल्कुल सही कह रहे है मैने जब इस व्यवसाय को देखा, तो मुझे भी ऐसा ही लगा था कि, बगैर समय के कैसे मैं इस व्यवसाय को करूंगा। लेकिन जब मैंने ध्यान से देखा और समझा, तो मालूम हुआ कि यही एक ऐसा काम है, जो हमें आगे चलकर समय भी देता है और पैसा भी और फिर यह तो ऐसा काम है जिसकी शुरूआत हम पार्ट टाईम के रूप में बिना वर्तमान कार्य को बाधित किये करते हंै। और समय बीतने के साथ-साथ जैसे-जैसे हमारी आय बढ़ती है हम सही निर्णय लेने की स्थिति में पहुंचते हंै। शुरू में चूंकि ज्वाइन करने के बाद हम अकेले रहते हैं समय थोडा ज्यादा लग सकता है लेकिन जैसे ही हमारे साथ दो लोग ज्वाइन करते हैं हमें सिर्फ 50 प्रतिशत समय ही देना होता है जब 10 प्रतिशत लोग हमारे साथ होते हैं तब 10. प्रतिशत और 100 लोग होने पर 1 प्रतिशत समय, और 1000 लोग होने पर बगैर काम किये भी पैसा आता हैं। दूसरी तरफ यदि हम देखे तो दुनिया मे जितने भी काम होते हैं उनके लिये जब हम स्वयं समय लगाते है तब ही हमारा काम हो पाता है, बस यही एक ऐसा काम है जो हमें समय की आजादी और आर्थिक आजादी प्रदान करता हैं कुछ समय के बाद आप देखेंगे की शुरू में आपने इस व्यवसाय में जो समय दिया है, वही समय कई्र गुना बढ़कर आपको मिलेगा। हमारे अपलाइन लीडर है मि……………………… जो आज 6 महीने में एक लाख रू. प्रतिमाह की अर्निग पर हंै एक महीने में 720 घंटे होते हंै। मतलब करीब 138 रू. प्रति घंटे की उन्हें अर्निंग हो रही है। इसका मतलब जब वो सो रहे होते हैं तब भी 138 रू. प्रति घंटे के हिसाब से उन्हे मिल रहे होते हंै।

(2) Programme तो अच्छा है, लेकिन हम कैसे कर पायेंगे? हम तो ज्यादा किसी को जानते नही हंै। हमारे ज्यादा संपर्क नहीं हैं हम कैसे कर पायेंगे?
Ans : आप बिल्कुल सही कह रहे हंै जब मैंने ज्वाइन किया था मुझे भी पहले ऐसा ही लगा था, लेकिन बाद में मुझे मालूम हुआ कि सारे लोगों को हमें ही स्पाॅन्सर नही करना है, यदि हम ज्यादा लोगों को नही जानते कोई बात नही, यदि हमारे साथ 2 लोग ही आते हंै तो भी हमारा ग्रुप बहुत बड़ा हो सकता है क्योंकि जो लोग हमारे साथ आते हैं, उनके माध्यम से हम आगे बढ़ते चले जाते हैं और हमारा नेटवर्क आश्चर्यजनक रूप से बढ़ता चला जाता है। मान लीजिए हमने इस व्यवसाय को ज्वाईन किया और मात्र 10 लोंगों की लिस्ट तैयार की, हमारे साथ उनमें से मात्र 2 लोग आते है। (जबकि आते ज्यादा है।) 2 लोग अपने 10-10 लोगों की लिस्ट बनायेंगे जो कि आपके परिचित नही हैं, फिर भी 20 लोगों की लिस्ट आपके पास होगी। अगली बार 20 में से यदि 4 लोग आये और 4 लोगों ने भी मात्र 10-10 लागों की लिस्ट बनाई तो 40 नये लागों की लिस्ट आपके पास होगी। इस तरह से आपका नेटवर्क साइज बढ़ता चला जाता है।

(3)Programme तो अच्छा है, लेकिन अभी पैसे का इंतजाम नहीं है कुछ दिन बाद रूक कर करेंगे?
Ans : आप बिल्कुल सही कह रहे हैं, जब मैंने इस व्यवसाय को देखा तो मुझे भी यही समस्या थी। लेकिन मुझे बताया गया कि एक दिन भी लेट करना ठीक नही है, क्योंकि आज आपको जिसने भी टाईम दिया है उसने और भी कई लोगों से बात कर रखी है हो सकता है उनमें से कुछ लोग तैयार हों और कुछ लोग बाद में तैयार हों। यदि आप तुरंत निर्णय लेकर इस व्यवसाय में आते हैं तो हमेशा फायदे में रहेंगे क्योंकि इस व्यवसाय में समय ही सब कुछ हैं हर आदमी को अपने साथ सिर्फ 2 लोगों को डायरेक्ट रूप से बिजनेस में शामिल करने की स्वतंत्रता है। हर आदमी का तीसरा चैथा व्यक्ति 2 लोगों में से किसी के नीचे आयेगा। इसका मतलब है यदि आप तुरंत निर्णय लेकर अपना स्थान सुरक्षित कर लेते है तो आपको आपके स्पाॅन्सर के कार्य का फायदा हो सकता है।
आप बिल्कुल सही कह रहे हैं, पैसे का इंतजाम करने में समय तो लगता है, लेकिन यदि आप चाहें तो अपना स्थान सुरक्षित करा सकते है। इसके लिये आप यदि विश्वास कर रहे हैं कि आप व्यवसाय कर लेंगे तो आप चाहे तो 8500/- ऋण पर भी लेकर इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं यह मूल रकम जैसे ही आप 6 व्यक्तियों को स्पाॅन्सर करेंगे आप कमा कर वापस कर सकते हैं
4. कंपनी ने पैसे बहुत ज्यादा रखे है?
Ans : आपका कहना बिल्कुल सही है, मुझे भी ऐसा ही लगा था, लेकिन जब मैने पता किया तो मालूम हुआ कि यह कंपनी हमें हमारे पैसे से ज्यादा वेल्यू के प्रोडक्ट के साथ ही हमें अपार्चन्यूटी भी दे रही हैं साल में 41 लाख से ज्यादा रकम कमाने की। यदि साल भर में 1 प्रतिशत भी काम होता है तो भी कहीं से लाॅस नही है, क्योंकि 1 प्रतिशत काम का मतलब है 41,000/- रू. की कमाई यदि हम देखें तो कंपनी हमें एक ऐसी अपार्चन्यूटी दे रही है, जिससे हमारी जिन्दगी के सभी सपने साकार हो सकते हैं एक आमदनी का ऐसा जरिया तो करोड़ो रू. इन्वेस्ट करके भी हमें हासिल नही हो पाता है

(5) कंपनी लोगों को पैसे क्यों दे रही है? कंपनी का उद्ेदयश्य क्या है?
Ans : कंपनी का उद्देश्य शिक्षा, सुरक्षा तथा विनियोग से संबंधित प्रोडक्ट और सर्विस लोगों को देना हैं निश्चित है कोई भी
कंपनी लाभ कमाने के उद्देश्य से ही इस क्षेत्र. में आई है। दूसरी तरफ यदि हम देखें तो किसी भी कंपनी को अपना
प्रोडक्ट्स ग्राहको तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग वितरण प्रणाली का इस्तेमाल करना पड़ता हैं इस कंपनी ने
‘‘नेटवर्क मार्केटिंग’’ या ‘‘रिफरल मार्केटिंग’’ या ‘‘डायरेक्ट मार्केटिंग’’ माध्यम को चुना है। जो कि एक ऐसा माध्यम है
जिसमें प्रोडक्ट को कस्टमर तक पहुंचाने में चूंकि प्रोडक्ट और सर्विसेस को वितरित करने में होने वाले खर्च, जैसे
विज्ञापन वगैरह नही करती हैं इसके खर्च औसतन 70 प्रतिशत होते हैं। कंपनी हमें और आपको, जो भी सिस्टम में
रहकर कंपनी के प्रोडक्ट को रिकमन्ड करने में मदद करते है, 70 प्रतिशत कमीशन के हकदार हो जाते है।

(6)आगे यदि कंपनी डूब गई तो हमारा तो पैसा डूब जायेगा?

Ans : आपका सोचना सही है आप ही की भांति इस विषय पर मेरी सोच भी यही थी, पंरतु जब मैंने इंवेस्टीगेट किया तो मैंने
पाया कि, किसी भी कंपनी के बंद होने के पीछे निम्नांकित मुख्य कारण हो सकते हैं
अ. वित्त संबंधी ब. कानून संबंधी स. उत्पाद संबंधी
लेकिन मैंने पाया कि कंपनी वित्तीय रूप से सुदृढ़ है, यह एक सेवा प्रदाता कम्पनी है और इसके खर्चे इसकी आय
की तुलना में ना के बराबर है क्येांकि कंपनी अपना संपूर्ण कारोबार एक मात्र कार्यलय नई दिल्ली से संचालित करती है।
जहां तक बात कानून की है, तो कंपनी भारत में, कंपनी अधिनियम, आयकर धिनियम, सेवाकर, वाणिज्य कर एवं
वैट कर के अंतर्गत पंजीकृत है। यदि उत्पादों की बात करंे, तो कंपनी किसी भी उत्पाद का स्वयं निर्माण नही करती।
कंपनी तो विमल, ग्रासिम, सायबर मल्टीमीडिया, लारण्य लावण्य, ब्रोन्सवीक जैसी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के
उत्पाद एवं सेवा उपलब्ध कराती है। डूबने या बंद होने का खतरा तो निर्माण कंपनियों को रहता है हमारी कंपनी सेवा
प्रदाता कंपनी होने के कारण कंपनी को उत्पाद की लागत वहन करनी नहीं होती। कंपनी तो केवल मार्केट में स्थापित
बड़ी-बड़ी कंपनियों के उत्पाद और उनकी सेवा उपलब्ध कराती हैं। और आप यह देखिये कि आपने जितना पैसा
कंपनी को दिया है उसके बदले उतने मूल्य की वस्तु आपने प्राप्त कर ली है अतः आपका पैसा डूबने का तो सवाल ही
नही हैं हां डूबने का मौका है तो 41 लाख जो आप कमा सकते हैं, यदि आप व्यवसाय को सीख कर समझकर करते है
तो…

7. कंपनी पैसे का करती क्या है?
Ans : कंपनी मार्केटिंग का व्यवसाय करती है जिसके लिये वह नेटवर्क सिस्टम का प्रयोग करती हैं परंपरागत मार्केटिंग प्रणाली
में जहां उत्पाद का 70 प्रतिशत निश्चित अनुपात में निश्चित संगठन, जो विज्ञापन तथा वितरण का कार्य करते है, में
बांटा जाता हैं वहीं नेटवर्क मार्केटिंग सिस्टम में वही पैसा संपूर्ण नेटवर्क को कंपनी द्वार अतिरिक्त आमदनी के रूप में
बांट दिया जाता हैं।

8. कंपनी तो हमारा पैसा हमें ही बांट रही हैं?
Ans : आपका कहना सही हैं जब मैंने भी इस व्यवसाय के बारे में सुना तो मुझे भी यही लगा। लेकिन जब मैंने इस सिस्टम को
समझा तो मुझे मालूम हुआ कि, हमारा वह पैसा जो विज्ञापन तथा उत्पाद के वितरण तथा अनावश्यक संग्रह में कंपनी व्यय करती है, तथा जो अंततः हमसे ही वसूला जाता हैं अब हमें मौका मिला हैं कि हम वह अनपेक्षित व्यय, आय के रूप में वापस प्राप्त कर लें।

9. इस तरह की व्यवसाय में तो जो पहले आता है वही कमाता है?
Ans : आपका कहना सही हैं जब मैंने भी इस व्यवसाय के बारे में सुना तो मुझे भी यही लगा। लेकिन जब मैंने इस सिस्टम को
समझाा तो मुझे बताया गया कि कंपनी व्यवसायकि प्लान बायनरी पर आधारित है जिसमें कि आय तभी प्राप्त होती है।
जब व्यक्ति अपने व्यवसाय में दांये व्यवसाय केन्द्र तथा बायें व्यवसाय केन्द्र में 1ः1 के अनुपात में सेल करता है। अतः
मेरे द्वारा किये कार्य पर वह तभी आय अर्जित करेगा जब वह आनुपातिक रूप से दूसरे बिजनेस संेटर पर भी सेल करेगा।
कंपनी का आय बांटने का एक सीधा समीकरण है। ‘‘मोर सेल मोर कमीशन नो सेल नो कमीशन’’।

(10) कंपनी की कानूनी स्थिति क्या है?
Ans : कंपनी ‘‘कंपनीस एक्ट 1956’’ के अंतर्गत रजिस्टर्ड हैं कंपनी आयकर अधिनियम के अंतर्गत दिये जाने वाले कमीशन
पर टी.डी.एस. भी काटती हैं तथा वर्ष के अंत में फार्म 16 ए भी देती हैं जो आयकर विभाग द्वारा मान्य है। कंपनी
काॅमर्शियल टैक्स, वैल्यू एडेड टैक्स तथा सर्विस टेक्स एक्ट के नियमों के तहत भी रजिस्टर्ड है।

11. इस तरह की व्यवसाय में आखरी आदमी घाटे में रहता हैं।
Ans : आपका कहना सही हैं जब मैंने भी इस व्यवसाय के बारे में सुना तो मुझे भी यही लगा। लेकिन जब मैंने इस सिस्टम को
समझा तो मुझे मालूम हुआ कि यहां कंपनी हमारे पैसों के बदले उतनी ही कीमत का उत्पाद तो दे देती है इसलिए
आखरी व्यक्ति भी अधिक से अधिक उपभोक्ता बन जायेगा यदि आय न भी कमा सके तो। वैसे भी यदि कोई व्यक्ति
आखरी होगा तो निश्चय ही हम उसके लिये पूरी दुनिया ही छोड़ जायेंगे और आखिरी व्यक्ति की चिंता केवल इसी
व्यवसाय में क्येां? किसी भी व्यवसाय में आप पायेंगे कि आखरी व्यक्ति अधिक से अधिक अंतिम उपभोक्ता ही बनता
हैं। घाटे में तो कभी नही रह सकता हैं

12. आप लोग तो बस पैसा पैसा करते है। मैं तो एक संतुष्ट व्यक्ति हॅू। ज्यादा पैसे के पीछे नही भागता हॅू।
Ans : आपका कहना सही हैं लेकिन मैने एक विचार पढ़ा था जिसे आपके साथ बांटना चाहूंगा। पैसे से खुशियां नही खरीदी
जा सकती, लेकिन दुख जरूर कम किये जा सकते हैं। साथ ही मुझे यह बात, सदैव महसूस होती है कि यदि पैसा
जरूरी नही है तो हम काम पर क्यों जाते है? क्यों हम अपने आॅफिसर या ग्राहक की बाते जो पसंद न हो फिर भी सुनते
हैं यह तो हकीकत है कि हम बिना पैसे के नही रह सकते हंै। पैसा, जिस प्राकर हमारे शरीर में खून का महत्व है उसी प्रकार जीवन जीने के लिये पैसा अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं अतः हमें तो धन कमाने के उपाय तथा अधिक धन कमाने की विधि के विषय में विचार करना चाहिए। वर्तमान में नेटवर्क मार्केटिंग में आप सीमित योग्यता तथा साधन के बावजूद असाधारण सफलता हासिल कर सकते हैं।

13 मेरे पास तो सारे उत्पाद हैं?
Ans : आपका कहना सही हैं जब मैंने भी इस वयवसाय के बारे में सुना तो मुझे भी यही लगा। लेकिन जब मैंने इस सिस्टम को
समझा तो मुझे पता चला कि मैं इन उत्पादों के माध्यम से जो व्यवसाय प्राप्त कर रहा हॅू उस व्यवसाय के माध्यम से मैं
अपने तथा अपने परिवार के लिये भूरपूर समय, आर्थिक स्वतंत्रता तथा निरंतर आय की व्यवस्था कर सकता हूॅ।

14. क्या कंपनी ने RBI  से लायसेंस लिया हुआ है?
Ans: .RBI द्वारा उन कंपनी या संस्था को लायसेंस दिया जाता है जो पैसा जमा करती है या लोन देती है या निवेश का काम
करती है या चिट फंड जैसा काम करती है और क्योंकि जिस कंपनी का हम काम करते हंै वो किसी प्रकार का निवेश,
लोन, जमा का कैश का काम नहीं करती है। इसलिए त्ठप् से कंपनी को किसी प्रकार का कोई लायसेंस न तो प्राप्त होगा
और ना इसकी कोई जरूरत है।

15. मैं किसी के आगे झुक नही सकता। यह लोगों को समझाने का काम मुझसे नही होगा।
Ans:  आपका कहना सही हैं जब मैंने भी इस व्यवसाय के बारे में सुना तो मुझे भी यही लगा। लेकिन जब मैंने इस सिस्टम को
समझा तो पाया कि झुकना तो हमें वहां पड़ता है जहां केवल हमारा फायदा होता हैं लेकिन यह व्यवसाय तो लोगों को शिक्षा,
सुरक्षा, स्वास्थ्य, विनियोग तथा मंहगाई दर जैसे विषयों पर जागरूक कर उनका फायदा पहुंचाने का है। और जहां तक बात
समझाने की हैं तो हमें तो केवल लोगों को सेमीनार में आमंत्रित करना होता हैं। जहां सिस्टम द्वारा लोगों को हमारी ओर से
सारी जानकारी दी जाती हैं और समझाया जाता हैं।

16. क्या ये काम कानूनी है?
Ans : कानून के अनुसार उत्पाद बेचना और सेल पर कमीशन लेना और देना पूर्णतः कानूनी है। यह एक पूर्णतः व्यावसासिक
प्रक्रिया है जिसके लिए विभिन्न प्रकार के नियम और कानून भी इसके संचालन के लिए बने हैं, इस सभी कानूनी प्रक्रिया का
कंपनी द्वारा पूर्णतः पालन किया जाता है।

17. आपकी कंपनी में क्या पोजिशन है, क्या आप कंपनी में मेम्बर/सदस्य हो?
।दे . कंपनी में हमें एडवाईजर कहा जाता है, जो कंपनी में आॅनलाईन आॅर्डर करते समय कंपनी के एडवाईजर की टर्म कंडीशन
की स्वीकृति के बाद हमें एडवाईजर के रूप में पहचान मिलती है। एडवाईजर के अतिरिक्त कंपनी में किसी की कोई
पोजीशन नहीं होती है, कंपनी द्वारा ना तो कोई मेम्बर/सदस्य बनाया जाता है और ना किसी प्रकार की
मेम्बरशिप/सदस्यता फीस ली जाती है।

 

  1. क्या कंपनी कोई या किसी तरह की निवेश स्कीम चलाती है, जो PCMC (Price ChitFund and Money Circulation Banning Act) के तहत गैरकानूनी है?
    Ans : जिस कंपनी का हम काम करते है वो पूर्णतः प्रोडक्ट सेलिंग का काम करती है और सेल आधारित कमीशन देती है,
    इसलिए जिस कंपनी का हम काम करते हैं उस पर च्ब्डब्?।बज लागू नहीं होता और इस सन्दर्भ में कंपनी द्वारा सुप्रीम
    कोर्ट और हाई कोर्ट के मजिस्ट्रेट से लीगल ओपिनियन भी लिया गया है जिसकी काॅपी आप एडवाईजर से प्राप्त कर
    देख सकते है।
    20. आपकी कंपनी क्या करती है?
    Ans : जिस कंपनी का हम काम कर रहे है वो कंपनी पहले से स्थापित कंपनियों के प्रोडक्ट को आॅनलाईन सेल करती है
    जिसमें हमारे माध्यम से होने वाली सेल पर हमें सेल आधारित कमीशन देती है।

 

  1. कंपनी पैसे क्यों दे रही है/कंपनी पैसे कैसे बांटती है?
    Ans : आपको यह ज्ञात होगा कि बाजार से हम जो सामान खरीदते हैं उसकी मूल कीमत जिसे फैक्ट्री लागत कहा जाता है वो
    केवल 30ः होती है। मतलब अगर किसी सामान का बाजार मूल्य 100 है उसमें से फैक्ट्री लागत 30 होगी और बचा
    70 उस उत्पाद के मार्केटिंग डिस्ट्रीब्यूशन और रिटेलर में खर्च होता है। हमारी कंपनी जिन उत्पादों को प्रमोट करती है
    उन उत्पादों को सीधे निर्माता कंपनी से फैक्ट्री लागत (मतलब 30) में खरीदती है और ग्राहक को बाजार मूल्य 100 में
    देती है और 70 जो पहले मार्केटिंग डिस्ट्रीब्यूशन रिटेलर मे बंटता था उसमें से 10 खुद रखती है और 60 नेटवर्क में
    बंाटती है। निर्माता कंपनी से इस प्रकार के लेनदेन का प्रमाण पत्र भी कंपनी के पास है जिसे आप देख सकते है।
  2. क्या कंपनी मेम्बर/सदस्य बनाती है, क्या कंपनी रजिस्ट्रेशन फीस लेती है?
    Ans : हम जिस कंपनी का काम करते हंै उसमें किसी प्रकार का कोई सदस्य या मेम्बर नहीं बनाया जाता और ना ही किसी
    प्रकार का कोई सदस्यता या मेम्बरशिप शुल्क किया जाता है। इस कंपनी में ग्राहक केवल उत्पाद की डत्च्?या उससे
    कम जो कीमत कंपनी द्वारा निर्धारित उसका भुगतान करता है और उसे कंपनी के साथ काम कर कमीशन पाने का
    वैकल्पिक अवसर प्राप्त है जिसका वह चाहे तो प्रयोग करे या ना करे।

 

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